लघु नैतिक कथा | Hindi Short Motivational Stories
किसी जंगल में एक बड़ा और बलवान हाथी रहता था। वह बहुत घमंडी था और अपनी ताकत के कारण छोटे जानवरों को तंग करता रहता था। जब वह चलता, तो चींटियों के बिलों को अपने पैरों से कुचल देता और उनकी मेहनत खराब कर देता।
एक दिन हाथी ने पानी पीते समय चींटियों के झुंड को देखा। उसने मस्ती के लिए उन पर पानी छिड़क दिया और उन्हें परेशान किया। सभी चींटियाँ गुस्से से भर गईं, लेकिन वे चुपचाप वहां से चली गईं।
अगले दिन हाथी सो रहा था। चींटियों ने मिलकर उसके सूंड और कानों में घुसकर उसे काटना शुरू कर दिया। हाथी दर्द से चीखने लगा और इधर-उधर भागने लगा।
अंततः उसने हार मान ली और चींटियों से माफी मांगी। चींटियों ने कहा, “हम छोटे हैं, लेकिन मिलकर बड़े से बड़े को सबक सिखा सकते हैं। अपनी ताकत का घमंड मत करो और दूसरों को तंग मत करो।”
हाथी ने अपनी गलती स्वीकार की और वादा किया कि वह अब किसी को परेशान नहीं करेगा। इसके बाद वह चींटियों और अन्य जानवरों के साथ मिल-जुलकर रहने लगा।
शिक्षा :
छोटे-बड़े का भेदभाव नहीं करना चाहिए। एकता में शक्ति है।
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