श्री कृष्ण भजन: अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम (Achyutam Keshavam Lyrics in Hindi)

Achyutam Keshavam Krishna Damodaram Lyrics in Hindi - श्री कृष्ण भजन

भगवान श्री कृष्ण, जो विष्णु के पूर्णावतार हैं, अपने भक्तों के लिए प्रेम और आनंद के स्रोत हैं। भजन “अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम” उनके विभिन्न नामों और महिमा का गान करता है। यह भजन हमें याद दिलाता है कि ईश्वर को पाने के लिए केवल सच्ची भक्ति और पुकार की आवश्यकता है। जन्माष्टमी, होली या किसी भी धार्मिक उत्सव पर इस भजन का श्रवण मन को वृंदावन की गलियों में ले जाता है।

अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम
(Bhagwan Krishna Bhajan)

अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम,
राम नारायणं जानकी वल्लभम॥

कौन कहता है भगवान आते नहीं,
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं।
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम…

कौन कहता है भगवान खाते नहीं,
बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं।
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम…

कौन कहता है भगवान सोते नहीं,
मां यशोदा के जैसे सुलाते नहीं।
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम…

कौन कहता है भगवान नाचते नहीं,
गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं।
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम…

नाम जपते चलो काम करते चलो,
हर समय कृष्ण का ध्यान धरते चलो।
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम…

श्री कृष्ण भजन के लाभ
(Significance of Krishna Bhajan)

  • तनाव से मुक्ति: कृष्ण के भजनों की मधुरता मन की व्याकुलता को शांत करती है।
  • प्रेम भाव जागृत होना: यह भजन सिखाता है कि भक्ति में समर्पण और निस्वार्थ प्रेम ही सर्वोपरि है।
  • सकारात्मक विचार: ‘नाम जपते चलो काम करते चलो’ की सीख कर्मयोग के महत्व को दर्शाती है।

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
(Shiv Bhajan in Hindi)

प्रश्न: “अच्युतम केशवम” का क्या अर्थ है?

उत्तर: “अच्युत” का अर्थ है वह जो कभी अपने स्वरूप से गिरता नहीं (अविनाशी), और “केशव” का अर्थ है सुंदर केशों वाले या केशी राक्षस का वध करने वाले। ये दोनों ही भगवान कृष्ण के प्रिय नाम हैं।

प्रश्न: क्या कृष्ण भजन केवल जन्माष्टमी पर ही गाने चाहिए?

उत्तर: बिल्कुल नहीं! भगवान कृष्ण आनंद के देवता हैं। उनके भजन प्रतिदिन गाने या सुनने से दिन की शुरुआत सकारात्मकता और ऊर्जा के साथ होती है।

प्रश्न: इस भजन में मीरा और शबरी का जिक्र क्यों है?

उत्तर: मीरा बाई और शबरी निस्वार्थ भक्ति के सबसे बड़े उदाहरण हैं। यह भजन स्पष्ट करता है कि यदि पुकार में मीरा जैसी तड़प और शबरी जैसा धैर्य हो, तो भगवान साक्षात प्रकट होते हैं।

प्रश्न: “जानकी वल्लभम” का क्या अर्थ है?

उत्तर: “जानकी” माता सीता का नाम है और “वल्लभ” का अर्थ है प्रिय। इस पंक्ति में भगवान राम को माता सीता के प्रिय स्वामी के रूप में संबोधित किया गया है।

प्रश्न: श्री कृष्ण भजन गाते समय क्या मन में कोई विशेष भाव होना चाहिए?

उत्तर: कृष्ण प्रेम के देव हैं, इसलिए उनके भजनों को ‘सख्य भाव’ (मित्रता) या ‘वात्सल्य भाव’ के साथ गाना चाहिए। उनके साथ एक आत्मीय रिश्ता महसूस करना ही सच्ची पूजा है।

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