🧙‍♂️ रंपलस्टिल्टस्किन | Rumpelstiltskin 🪄

परियों की कहानियाँ | Fairy Tales in Hindi | जादुई परी की कहानी

बहुत समय पहले, एक दूर देश में एक गरीब मिल मालिक रहता था। उसके पास न तो बहुत अनाज था, न धन, लेकिन उसकी एक सुंदर और बुद्धिमान बेटी थी, जिस पर उसे बहुत गर्व था। एक दिन वह राजा के दरबार में पहुँचा और अपनी शेखी बघारते हुए बोला,
“महाराज! मेरी बेटी तो इतनी प्रतिभाशाली है कि वह भूसे को भी सोने में बदल सकती है!”

राजा यह सुनकर चौंक गया। उसकी आँखों में लालच चमक उठा। उसने कहा,
“अगर यह सच है, तो तुम्हारी बेटी को कल ही महल में बुलाओ। मैं खुद देखूंगा कि वह क्या कर सकती है।”

अगले दिन मिलर की बेटी को महल बुलाया गया। राजा उसे एक बड़े कमरे में ले गया, जो भूसे से भरा हुआ था।
राजा ने कठोर स्वर में कहा,
“अगर तुम सच में भूसे को सोने में बदल सकती हो, तो आज रात तक यह कमरा सोने से भर दो। नहीं तो सुबह तुम्हें सज़ा मिलेगी।”

लड़की का दिल ज़ोर से धड़कने लगा। वह डर के मारे कोने में बैठ गई और रोने लगी।
“हे भगवान, मैंने तो कभी जादू भी नहीं देखा… अब मैं क्या करूँ?”

तभी कमरे में टक-टक की अजीब आवाज़ हुई। अचानक हवा में से एक छोटा, विचित्र चेहरा लिए बौना प्रकट हुआ। उसकी आँखें चमक रही थीं और आवाज़ नुकीली थी।
“क्यों रो रही हो, प्यारी लड़की?” उसने पूछा।

जादुई परी की कहानी

लड़की ने सिसकते हुए कहा, “राजा ने मुझे कहा है कि मैं यह भूसा सोने में बदल दूँ… लेकिन मैं ऐसा कर ही नहीं सकती!”

बौना मुस्कुराया, “मैं कर सकता हूँ। लेकिन बदले में तुम मुझे क्या दोगी?”
लड़की ने जल्दी से कहा, “मेरे पास तो बस यह मंगलसूत्र है। यही ले लो।”

बौने ने सिर हिलाया, “ठीक है।”
फिर उसने धीरे से जादुई शब्द बोले — “घूमो चर्खा, बुनो सोना!” — और पल भर में सारा भूसा चमचमाते सोने में बदल गया।

सुबह जब राजा ने यह देखा, तो उसकी आँखें चौंधिया गईं।
“वाह! यह तो सच्ची जादूगरनी है!” उसने कहा, लेकिन मन ही मन सोचा, ‘अगर यह और कर सकती है, तो मेरा खज़ाना भर जाएगा।’

उसने लड़की को और बड़े कमरे में बंद कर दिया, जो और भी ज़्यादा भूसे से भरा था।
दूसरी रात, बौना फिर आया। लड़की बोली, “कृपया मेरी मदद करो, मेरे पास अब सिर्फ यह अंगूठी है।”
बौना बोला, “ठीक है,” और फिर से उसने भूसे को सोने में बदल दिया।

तीसरी रात राजा ने लड़की को एक विशाल कमरे में बंद कर दिया। उसने कहा,
“अगर तुम इसे भी सोने में बदल दो, तो मैं तुमसे शादी कर लूंगा।”

लड़की के पास अब देने को कुछ नहीं बचा था। वह रोते हुए बोली, “अब मेरे पास कुछ नहीं है।”
बौना फिर प्रकट हुआ और बोला,
“तो इस बार मैं बदले में तुम्हारे पहले बच्चे की मांग करूंगा।”

लड़की सन्न रह गई। लेकिन जान बचाने के लिए उसने काँपती आवाज़ में कहा, “ठीक है…”
और बौने ने फिर से जादू कर दिया।

सुबह जब राजा ने देखा कि सारा भूसा सोने में बदल गया है, तो वह प्रसन्न हुआ और वादा निभाते हुए लड़की से शादी कर ली। वह रानी बन गई।

कई साल बीते। रानी ने एक सुंदर बच्चे को जन्म दिया। लेकिन एक रात वही बौना फिर आया और बोला,
“अब वक़्त आ गया है, रानी। अपना वादा याद है न? मुझे तुम्हारा बच्चा चाहिए।”

रानी रोने लगी, “कृपया, उसे मत ले जाओ! मैं तुम्हें सोना, हीरे, जो चाहे दूँ!”
बौना बोला, “ठीक है। अगर तुम तीन दिनों में मेरा नाम बता दो, तो मैं बच्चा नहीं लूंगा।”

पहले दिन रानी ने हर नाम आज़माया — मोहन, राम, देव, हरि — लेकिन बौना हर बार हँसता और कहता, “गलत है!”
दूसरे दिन उसने पुराने, अजीब नाम बताए, फिर भी बौना बोला, “नहीं नहीं, गलत!”

जादुई परी की कहानी

तीसरे दिन, उसका एक नौकर जंगल में घूमते हुए एक गुफा के पास पहुँचा। वहाँ उसने बौने को आग के चारों ओर नाचते हुए गाते सुना:
“आज मैं जीतूँगा रानी से बेटा,
क्योंकि कोई नहीं जानता मेरा नाम रंपलस्टिल्टस्किन जैसा!”

नौकर दौड़कर महल आया और यह बात रानी को बताई।
अगले दिन बौना फिर आया और बोला, “अब बताओ, मेरा नाम क्या है?”

रानी ने मुस्कुराकर कहा, “क्या तुम्हारा नाम… रंपलस्टिल्टस्किन है?”

बौना गुस्से से उछल पड़ा!
“किसने बताया तुम्हें?! नहीं नहीं नहीं!”
वह पैर पटकने लगा, चिल्लाया — और अचानक धप्प! करके गायब हो गया, फिर कभी नहीं लौटा।

रानी ने राहत की साँस ली, अपने बच्चे को गोद में लिया और मुस्कुराई।
“सच्चाई और समझदारी से हर जादू को हराया जा सकता है,” उसने कहा।
और वे सब सदा खुशी से रहने लगे।

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