💤 स्लीपिंग ब्यूटी | Sleeping Beauty 🌹

परियों की कहानियाँ | Fairy Tales in Hindi | Sleeping Beauty in Hindi

बहुत समय पहले, एक सुंदर और समृद्ध राज्य में राजा और रानी रहते थे। सब कुछ था उनके पास — महल, दौलत, रुतबा — पर एक चीज़ की कमी थी, संतान की। रानी रोज़ मंदिर में जाकर भगवान से यही प्रार्थना करतीं, “हे प्रभु, हमें एक बेटी का वरदान दो, ताकि हमारा जीवन पूर्ण हो जाए।”

एक दिन, जब रानी झील के किनारे अकेली बैठी थीं, तभी पानी से एक मेंढक उछलकर बाहर आया और बोला, “हे रानी, चिंता मत करो। एक साल के भीतर तुम्हारी गोद में एक सुंदर कन्या होगी।”
रानी चौंक गईं, लेकिन यह भविष्यवाणी सच साबित हुई। एक साल बाद, उन्होंने एक सुंदर कन्या को जन्म दिया। राजा और रानी की खुशी का ठिकाना न रहा।

राजकुमारी के जन्म का जश्न मनाने के लिए उन्होंने पूरे राज्य को आमंत्रित किया। मोती, फूलों और झूमरों से सजा महल एक सपनों की दुनिया जैसा लग रहा था। और साथ ही, उन्होंने सात शक्तिशाली परियों को बुलाया जो नवजात शिशु को आशीर्वाद देने वाली थीं।

उत्सव में संगीत गूंज रहा था, नर्तकियाँ नाच रही थीं, और मेहमान राजसी भोजन का आनंद ले रहे थे। एक-एक कर परियाँ आगे बढ़ीं —

पहली परी बोली, “यह राजकुमारी सबसे सुंदर होगी।”
दूसरी ने कहा, “इसकी आवाज़ मधुर और मनमोहक होगी।”
तीसरी बोली, “यह बुद्धिमान और दयालु होगी।”
और चौथी, पाँचवीं, छठी परियों ने भी तरह-तरह के सुंदर आशीर्वाद दिए।

Sleeping Beauty in Hindi

तभी अचानक एक भयानक आवाज़ गूंजी— “और मेरे बिना ये उत्सव पूरा हो गया?”
सभी मुड़े, तो देखा कि धुएँ के गुबार के बीच एक काली चोगा पहने परी खड़ी थी — वही आठवीं परी, जिसे निमंत्रण नहीं भेजा गया था क्योंकि राजा ने सोचा था कि अब वह शक्तिहीन हो चुकी है।

वह गुस्से से काँपते हुए बोली, “जब यह लड़की सोलह साल की होगी, तो वह चरखे की सुई में उंगली चुभोकर मर जाएगी!”
महल में सन्नाटा छा गया। रानी ने अपनी बच्ची को सीने से लगा लिया।

तभी सातवीं परी बोली, “मैं इसका श्राप मिटा तो नहीं सकती, लेकिन इसे बदल सकती हूँ। राजकुमारी मरेगी नहीं — वह सौ साल की गहरी नींद में चली जाएगी, और एक सच्चे प्रेम के चुंबन से जागेगी।”

राजा ने आदेश दिया कि पूरे राज्य से चरखे नष्ट कर दिए जाएँ। वर्षों तक कोई चरखा नहीं बचा। लेकिन समय बीतते-बीतते लोग उस श्राप को भूल गए।

राजकुमारी आरौरा बड़ी होकर एक सुंदर, समझदार और सबकी प्यारी लड़की बन गई। उसके सोलहवें जन्मदिन पर पूरे राज्य में खुशियाँ मनाई जा रही थीं। पर उसी दिन वह महल की खोज करते हुए एक पुराने टावर में जा पहुँची। वहाँ एक बूढ़ी औरत (वास्तव में वही श्रापित परी) चरखा चला रही थी।

आरौरा ने आश्चर्य से पूछा, “ये क्या है? क्या मैं इसे चला सकती हूँ?”
“बिलकुल, बेटी,” बूढ़ी औरत मुस्कुराई।

जैसे ही आरौरा ने चरखे को छुआ, सुई ने उसकी उंगली में चुभन दी — और वह ज़मीन पर गिरकर गहरी नींद में चली गई।

Sleeping Beauty in Hindi

जब यह खबर राजा और रानी तक पहुँची, उनका दिल टूट गया। सातवीं परी फिर आई और पूरे महल को गहरी नींद में डाल दिया ताकि राजकुमारी अकेली न रहे। समय के साथ महल काँटेदार झाड़ियों और बेलों में छिप गया, और सौ साल गुजर गए।

फिर एक दिन, एक बहादुर राजकुमार को इस सोई हुई राजकुमारी की कहानी पता चली। उसने ठान लिया कि वह उसे खोजेगा।

जंगल में जादुई बेलें और डरावने जीव उसके रास्ते में आए, पर उसने हार नहीं मानी। अंत में, परी ने उसकी सच्चाई और बहादुरी देखकर रास्ता खोल दिया।

राजकुमार महल के अंदर पहुँचा और वहाँ उसने सोई हुई राजकुमारी को देखा — इतनी शांत, इतनी सुंदर कि उसका मन थम गया। उसने धीरे से झुककर उसके माथे पर एक सच्चे प्रेम का चुंबन दिया।

अचानक, एक जादुई रोशनी फैली। आरौरा की आँखें खुलीं, और पूरे महल में जीवन लौट आया। फूल खिल उठे, घंटियाँ बजने लगीं, और लोग खुशी से झूम उठे।

राजा और रानी की खुशी का ठिकाना न रहा। राजकुमार और राजकुमारी की भव्य शादी हुई, और दोनों सदा के लिए सुखपूर्वक रहने लगे।

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