स्नो वाइट की कहानि | Snow White in Hindi
बहुत समय पहले की बात है। एक बर्फ से ढके राज्य में एक सुंदर रानी अपनी खिड़की के पास बैठी थी। बाहर बर्फ के फाहे गिर रहे थे। वह सफेद कपड़े पर कढ़ाई कर रही थी कि अचानक सुई उसकी उंगली में चुभ गई। उसकी तीन बूंदें खून की बर्फ पर गिरीं—लाल रंग सफेद बर्फ पर चमक उठा। रानी ने उस सुंदर दृश्य को देखा और मुस्कुराकर कहा,
“काश! मेरी एक बेटी हो जिसकी त्वचा बर्फ जैसी सफेद, होंठ खून जैसे लाल, और बाल काले आबनूस जैसे हों।”
समय बीता, और उसकी प्रार्थना सच हो गई। कुछ महीनों बाद, रानी ने एक सुंदर बच्ची को जन्म दिया। बच्ची बिल्कुल वैसी ही थी जैसी रानी ने चाही थी—सफेद, लाल और काली। उसका नाम रखा गया स्नो व्हाइट।
लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था—रानी बीमार पड़ गई और कुछ ही समय में उसका निधन हो गया। राजा बहुत दुखी था, पर अंततः उसने एक नई रानी से विवाह किया। यह रानी सुंदर तो थी, लेकिन दिल से ईर्ष्यालु और घमंडी।
उसके पास एक जादुई आईना था। हर दिन वह उसके सामने खड़ी होकर पूछती,
“ए जादुई आईने, बता—इस दुनिया में सबसे सुंदर कौन है?”
आईना हमेशा जवाब देता,
“हे रानी, आप ही सबसे सुंदर हैं।”
रानी संतुष्ट हो जाती, मुस्कुराती और दिन खत्म हो जाता।
लेकिन एक दिन जब उसने वही सवाल दोहराया, तो आईने ने उत्तर दिया,
“हे रानी, आप सुंदर हैं, पर अब स्नो व्हाइट आपसे भी अधिक सुंदर है।”
रानी का चेहरा गुस्से से लाल पड़ गया।
“क्या कहा तुमने?” उसने दहाड़ा। “जब तक वह जीवित है, मैं सबसे सुंदर नहीं रह सकती!”
उसने तुरंत एक शिकारी को बुलाया और हुक्म दिया,
“उसे जंगल में ले जाओ और खत्म कर दो। उसका दिल मेरे पास लेकर आना।”
Snow White in Hindi
शिकारी स्नो व्हाइट को जंगल में ले गया। स्नो व्हाइट मुस्कुराते हुए बोली,
“क्या हम घूमने निकले हैं?”
शिकारी की आँखों में आँसू आ गए। वह बोला, “भाग जाओ, राजकुमारी! रानी तुम्हें मारना चाहती है। जाओ, छिप जाओ कहीं।”
स्नो व्हाइट डर से काँप उठी और जंगल की गहराई में भाग गई।
वह कई घंटे भटकती रही—भूखी, डरी हुई, और थकी। फिर उसे एक प्यारा-सा छोटा घर दिखाई दिया।
अंदर सब कुछ छोटा था—छोटी कुर्सियाँ, छोटी प्लेटें, सात छोटे बिस्तर।
वह धीरे से अंदर गई, थोड़ा-सा खाना खाया, और फिर एक बिस्तर पर सो गई।
शाम को सात बौने लौटे—थके हुए लेकिन खुश। उन्होंने देखा कि कोई उनके घर में है!
एक बौना बोला, “अरे! मेरी प्लेट से किसी ने खाना खाया!”
दूसरा बोला, “मेरे बिस्तर पर कोई सोया है!”
और जब उन्होंने स्नो व्हाइट को देखा, तो सब मंत्रमुग्ध रह गए।
जब स्नो व्हाइट जागी, तो उसने सब सच बता दिया। बौनों ने कहा,
“हम तुम्हारी रक्षा करेंगे। बस एक बात याद रखना—किसी अजनबी से बात मत करना।”
स्नो व्हाइट ने वादा किया और वहीं रहने लगी।
उधर रानी फिर से अपने आईने के सामने खड़ी हुई,
“ऐ आईने, अब तो बताओ—सबसे सुंदर कौन है?”
आईना बोला, “हे रानी, आप सुंदर हैं, पर स्नो व्हाइट अब भी जीवित है और सात बौनों के साथ रहती है।”
रानी का क्रोध चरम पर पहुँच गया। उसने रूप बदलकर तीन बार स्नो व्हाइट को मारने की कोशिश की।
पहली बार वह एक बूढ़ी औरत बनकर आई और रंग-बिरंगे कमरबंद बेचने लगी।
“लो बेटी, यह पहनकर देखो, बहुत सुंदर लगेगा।”
जैसे ही स्नो व्हाइट ने पहना, रानी ने कसकर बाँधा और वह बेहोश हो गई।
पर बौने समय पर लौटे और उसे बचा लिया।
दूसरी बार, रानी कंघी बेचने आई।
“यह जादुई कंघी है, तुम्हारे बाल रेशम जैसे हो जाएँगे।”
स्नो व्हाइट ने कंघी लगाई और तुरंत गिर पड़ी।
फिर से बौनों ने कंघी निकालकर उसे बचा लिया।
Snow White in Hindi
तीसरी बार रानी ने एक ज़हरीला सेब बनाया—आधा लाल, आधा सफेद।
वह फिर बूढ़ी औरत बनी और बोली,
“लो बेटी, सिर्फ लाल हिस्सा खाओ, यह सबसे मीठा है।”
स्नो व्हाइट ने लाल हिस्सा खाया, और ज़मीन पर गिर गई—इस बार हमेशा के लिए बेहोश।
बौनों ने बहुत कोशिश की, पर वह न जागी। वे उसे एक काँच के ताबूत में रखकर रोज़ उसके पास बैठते, आँसू बहाते रहे।
कई दिन बाद, एक राजकुमार वहाँ से गुज़रा। उसने स्नो व्हाइट को देखा और कहा,
“यह तो स्वर्ग की परी जैसी है। कृपया मुझे यह ताबूत दे दो, मैं इसे अपने महल ले जाना चाहता हूँ।”
बौनों ने भावुक होकर ताबूत उसे दे दिया।
जैसे ही राजकुमार के सेवक ताबूत उठा रहे थे, एक झटका लगा और स्नो व्हाइट के गले में फँसा सेब का टुकड़ा बाहर आ गया।
उसने आँखें खोलीं और धीरे से कहा, “मैं कहाँ हूँ?”
राजकुमार खुश होकर बोला, “मेरे पास, मेरी रानी!”
बौने खुशी से उछल पड़े।
राजकुमार ने स्नो व्हाइट से विवाह का प्रस्ताव रखा, और जल्द ही उनकी भव्य शादी हुई।
जब रानी को पता चला कि स्नो व्हाइट जीवित है और अब रानी बन गई है, तो उसका चेहरा सफेद पड़ गया। उसने आईने से आखिरी बार पूछा,
“अब कौन है सबसे सुंदर?”
आईना बोला,
“अब स्नो व्हाइट सबसे सुंदर है।”
और रानी का गर्व टूट गया।
अब स्नो व्हाइट अपने राजकुमार के साथ प्रेम, शांति और दया से जीवन बिताने लगी। सातों बौने उनके सच्चे मित्र बने रहे।
शिक्षा:
अहंकार और ईर्ष्या का अंत हमेशा विनाश में होता है। सच्चाई, दया और प्रेम ही सबसे बड़ी सुंदरता है।




