भगवान श्री विष्णु की आरती: ॐ जय जगदीश हरे (Lord Vishnu Aarti in Hindi)

भगवान विष्णु की आरती - Lord Vishnu Ji Ki Aarti Om Jai Jagdish Hare Lyrics in Hindi

हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को सृष्टि का पालनहार माना गया है। श्री हरि विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए उनकी आरती का गान अत्यंत फलदायी होता है। “ॐ जय जगदीश हरे” (भगवान विष्णु की आरती) आरती न केवल भगवान विष्णु को समर्पित है, बल्कि यह हर शुभ कार्य, पूजा और गुरुवार के व्रत में अनिवार्य रूप से गाई जाती है। इस आरती के रचियता पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी हैं।
नीचे भगवान विष्णु की संपूर्ण आरती और उसके महत्व की जानकारी दी गई है।

भगवान विष्णु की आरती
(Lyrics in Hindi)

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ॐ जय जगदीश हरे…

जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनशे मन का। स्वामी दुःख विनशे मन का।
सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय जगदीश हरे…

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी। स्वामी शरण गहूं मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय जगदीश हरे…

तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी। स्वामी तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय जगदीश हरे…

तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता। स्वामी तुम पालनकर्ता।
दीन दयाल दयालु, भक्तन के त्राता॥ ॐ जय जगदीश हरे…

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति। स्वामी सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय जगदीश हरे…

दीनबन्धु दुःखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे। स्वामी तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय जगदीश हरे…

विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा। स्वामी पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा॥ ॐ जय जगदीश हरे…

तन-मन-धन, सब कुछ है तेरा। स्वामी सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा॥ ॐ जय जगदीश हरे…

आरती का महत्व और लाभ
(Significance of Vishnu Aarti)

भगवान विष्णु की आरती नियमित रूप से करने से निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं:

  • मानसिक शांति: आरती के शब्द मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं।
  • सुख-समृद्धि: जैसा कि आरती में कहा गया है, श्री हरि की कृपा से घर में सुख और संपत्ति का वास होता है।
  • संकटों का नाश: भक्तों के जीवन में आने वाले सभी शारीरिक और मानसिक कष्ट दूर होते हैं।

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
(Lord Vishnu Aarti & Lyrics)

प्रश्न: भगवान विष्णु की आरती का सबसे अच्छा समय क्या है?

उत्तर: आरती प्रतिदिन सुबह और शाम को पूजा के अंत में करनी चाहिए। विशेष रूप से गुरुवार और एकादशी के दिन इसका महत्व बढ़ जाता है।

प्रश्न: आरती करते समय किस बात का ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर: आरती हमेशा खड़े होकर, शांत चित्त और पूरी श्रद्धा के साथ करनी चाहिए। आरती के समय दीपक में शुद्ध घी या कपूर का उपयोग करना उत्तम माना जाता है।

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